कच्ची पर कार्रवाई, अंग्रेजी शराब पर चुप्पी—आबकारी की कार्यशैली पर सवाल

डिंडोरी,,डिंडौरी जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग भले ही अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। 9 फरवरी 2026 को आबकारी वृत्त डिंडोरी द्वारा की गई कार्रवाई में 44 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब और 20 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त कर 5 प्रकरण दर्ज किए गए। यह कार्रवाई कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश तथा जिला आबकारी अधिकारी रामजी पांडे के मार्गदर्शन में की गई। विभाग ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) ‘क’ ‘च’ के तहत प्रकरण कायम कर अपनी सक्रियता दर्शाई है। किन्तु सवाल यह उठता है कि क्या अवैध शराब का कारोबार केवल कच्ची शराब तक सीमित है? जिले के कई कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पान ठेलों, किराना दुकानों और ढाबों में खुलेआम अंग्रेजी शराब बेचे जाने की शिकायतें आम हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित ढाबों में देर रात तक शराब परोसी जा रही है, जिससे कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभाग की कार्रवाई छोटे स्तर के कच्ची शराब निर्माताओं तक सीमित है, जबकि लाइसेंसी दुकानों के बाहर हो रही अवैध अंग्रेजी शराब की बिक्री पर आंखें मूंदी जा रही हैं। यह दोहरी नीति आखिर क्यों? क्या विभाग के पास इन शिकायतों की जानकारी नहीं, या फिर कार्रवाई का दायरा चुनिंदा मामलों तक सीमित है? जरूरत इस बात की है कि आबकारी विभाग समान रूप से सभी प्रकार की अवैध शराब बिक्री पर कठोर कार्रवाई करे। केवल आंकड़ों में कार्रवाई दिखाना पर्याप्त नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्ती ही वास्तविक सुधार ला सकती है। प्रशासन को चाहिए कि वह व्यापक जांच कर अवैध अंग्रेजी शराब के नेटवर्क पर भी प्रभावी अंकुश लगाए, तभी जिले में कानून का राज स्थापित हो सकेगा।











