मैहर हरनामपुर में चल रही भागवत कथा में उमड़ा जन सैलाब
कथा व्यास:- श्री निवास शास्त्री जी ने करुणामई वाणी से श्रोताओं का मन मोह लिया
कथा के पंचम दिवस श्रोताओं ने की छप्पन भोग के साथ गोवर्धन पूजा

श्री निवास मिश्रा पत्रकार मैहर
मैहर/धार्मिक नगरी मैहर के हरनामपुर में चल रही भागवत भगवान की कथा के पांचवा दिवस पर आज क्षेत्रीय लोगों में आस्था के साथ भारी संख्या में श्रोताओं ने भागवत रूपी रसमई गंगा का आनंद प्राप्त किया।
कथा व्यास श्रीनिवास शास्त्री जी वृंदावन धाम के मुखारबिंद से भागवत भगवान की रसमई गंगा का आनंद लेने के लिए मैहर जिले के आस पास के सभी गांवों एवं शहरी क्षेत्र से जुड़े ज्यादातर यजमानों ने भी पहुंच कर शास्त्री जी के करुणामई वाणी से कृष्ण की बाल लीलाओं के प्रसंग का आनंद प्राप्त किया।
31 जनवरी से चल रही भागवत कथा में आज पंचम दिवस का प्रसंग कृष्ण की बाल लीलाओं में नाग नाथन, चीर हरण के साथ गोवर्धन पर्वत प्रसंग पर श्री शास्त्री जी ने
बताया कि गोवर्धन पर्वत की कथा भगवान श्रीकृष्ण की एक प्रसिद्ध लीला है, यह कथा भगवान श्रीकृष्ण की शक्ति और उनकी भक्तों की रक्षा के लिए उनके प्रेम को दर्शाती है
एक बार, भगवान श्रीकृष्ण ने देखा कि गोकुल के लोग इंद्र देव की पूजा कर रहे थे, जो बारिश और तूफान के देव हैं। श्रीकृष्ण ने उनसे इंद्र देव की पूजा करने को मना किया। गोकुल के लोगों ने श्रीकृष्ण की बात मानी और गोवर्धन पर्वत की पूजा की। इससे इंद्र देव को गुस्सा आया और उन्होंने गोकुल पर भारी बारिश और तूफान भेजा। गांव के लोगों को बचाने के लिए, श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली से गोवर्धन पर्वत को उठा लिया और उसे एक छतरी की तरह गांव के ऊपर रख दिया।
सात दिनों तक, श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा, जिससे गांव के लोगों को बारिश और तूफान से बचाया जा सका। अंत में, इंद्र देव ने अपनी गलती को समझा और श्रीकृष्ण से माफी मांगी। श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को वापस जमीन पर रख दिया और गांव के लोगों को सुरक्षित रखा। श्रीकृष के लगातार सप्त दिनों अन्न जल गृहण न करने पर गोकुल वासियों ने छप्पन प्रकार के व्यंजनों से श्रीकृष्ण को भोजन कराया।
आज की कथा में श्री गुरु भगवान के सहयोगी आचार्यों पंडितों ने गोवर्धन भगवान की भव्य प्रतिमा की विशेष पूजा अर्चना की,तथा छप्पन भोग लगाकर पंडाल में उपस्थित सभी श्रोताओं ने आस्था के साथ भागवत भगवान की रसमई कथा का अमृतपान किया।











