फेस द ट्रुथ अख़बार और सच का सामना न्यूज़ की खबर का असर, ग्राम पंचायत लालपुर में भ्रष्टाचार उजागर, 3.41 लाख की वसूली प्रस्तावित

फेस द ट्रुथ अख़बार और सच का सामना न्यूज़ की खबर का असर, ग्राम पंचायत लालपुर में भ्रष्टाचार उजागर, 3.41 लाख की वसूली प्रस्तावित

डिंडोरी/बजाग। फेस द ट्रुथ अख़बार एवं सच का सामना न्यूज़ में प्रमुखता से प्रकाशित समाचारों का बड़ा असर सामने आया है। ग्राम पंचायत लालपुर, विकासखंड बजाग में निर्माण कार्यों में किए गए कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रकाशित खबरों के बाद प्रशासन हरकत में आया और शिकायत की औपचारिक जाँच कराई गई। जाँच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएँ उजागर हुई हैं, जिससे पंचायत स्तर पर हो रहे कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संदर्भित पत्र के आधार पर संलग्न शिकायत पत्र में उल्लेखित बिंदुवार आरोपों की जाँच तहसीलदार बजाग, सहायक परियोजना अधिकारी जनपद पंचायत बजाग एवं सहायक यंत्री जनपद पंचायत करंजिया की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 11 नवंबर 2025 को की गई। जाँच के दौरान शिकायतकर्ता एवं ग्राम पंचायत लालपुर के सचिव की उपस्थिति में संबंधित निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया गया।

सीसी रोड निर्माण में भारी गड़बड़ी

मुख्य मार्ग से सुदामा के घर तक निर्मित सीसी रोड की जाँच की गई। इस कार्य की तकनीकी स्वीकृति राशि 6.04 लाख रुपये है। मौके पर माप लिए जाने के बाद किए गए मूल्यांकन में इस सीसी रोड का वास्तविक मूल्य मात्र 1,28,314 रुपये पाया गया। इसके विपरीत पंचायत द्वारा प्रस्तुत भुगतान बाउचरों के अनुसार इस कार्य पर कुल 4,69,410 रुपये खर्च दर्शाया गया। इस प्रकार मूल्यांकन से 3,41,096 रुपये अधिक व्यय किया जाना सामने आया। जाँच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि पंचायत द्वारा इस सीसी रोड की कोई माप पुस्तिका (एमबी) प्रस्तुत नहीं की गई है और आज दिनांक तक उपयंत्री से मूल्यांकन भी नहीं कराया गया। जाँच दल ने इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए मूल्यांकन से अधिक खर्च की गई 3,41,096 रुपये की राशि पंचायत से वसूली किए जाने का प्रस्ताव किया है।

ग्रेवल रोड कार्य में खामियाँ, भुगतान पर रोक

शिकायत के बिंदु क्रमांक 2 के अंतर्गत बैगानटोला डोंगरी से दनसी कोन्हा लालपुर तक निर्माणाधीन ग्रेवल रोड का निरीक्षण किया गया। जाँच में पाया गया कि सड़क का कार्य केवल सबग्रेड लेवल तक ही किया गया है, जिसमें अंड्युलेशन (ऊँच-नीच) भी पाई गई। चूँकि कार्य अभी प्रगतिरत है, इसलिए वर्तमान तिथि तक मटेरियल की राशि का सबग्रेड पर व्यय नहीं किया गया है। जाँच समिति ने एजेंसी के रूप में ग्राम पंचायत को निर्देशित किया है कि पहले तकनीकी खामियों को दुरुस्त कराया जाए, तत्पश्चात जीएसबी लेयर एवं सरफेस कोर्स लेयर का कार्य कराया जाए। साथ ही गुणवत्ता से संबंधित प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत होने तक मटेरियल भुगतान पर रोक लगाने की अनुशंसा की गई है।

पत्रकारिता की भूमिका फिर साबित

गौरतलब है कि यदि फेस द ट्रुथ अख़बार और सच का सामना न्यूज़ द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उजागर नहीं किया जाता, तो संभवतः यह भ्रष्टाचार दबा रह जाता। खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन ने संज्ञान लिया और जाँच करवाई, जिसमें भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता कैसे जनहित में प्रशासनिक कार्रवाई को मजबूर करती है।

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