विकास या विनाश? डिंडोरी का मुख्य मार्ग धूल-कीचड़ में तब्दील

विकास या विनाश? डिंडोरी का मुख्य मार्ग धूल-कीचड़ में तब्दील

डिंडोरी मुख्यालय का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग आज विकास की नहीं, बल्कि अव्यवस्था और लापरवाही की कहानी कह रहा है। पुराने यातायात थाना से लेकर भाजपा कार्यालय तक नगर परिषद द्वारा लगभग 25 लाख रुपये की लागत से नए डिवाइडर का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन यह कार्य योजना और संवेदनशीलता के अभाव में आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन गया है।

रात के समय जेसीबी मशीन की मदद से पुराने डिवाइडर को तोड़ा जा रहा है। सुबह होते ही सड़क की स्थिति बद से बदतर हो जाती है। उखड़ी हुई मिट्टी, फैला मलबा और उड़ती धूल पूरे मार्ग को कीचड़ और तपदिल में बदल चुके हैं। दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। फिसलन और धूल के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।

सबसे चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि पुराने डिवाइडर में लगे फूलदार पौधों को बेरहमी से उखाड़कर फेंक दिया गया। शहर में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के दावे किए जाते हैं, लेकिन नगर परिषद के जिम्मेदार ही हरियाली को नष्ट करने में जुटे दिखाई दे रहे हैं। डिवाइडर पर वर्षों से लगे पौधे न केवल सौंदर्य बढ़ा रहे थे, बल्कि धूल और प्रदूषण को भी नियंत्रित करते थे। उन्हें इस तरह नष्ट करना प्रशासनिक असंवेदनशीलता का स्पष्ट उदाहरण है।

प्रश्न यह उठता है कि क्या डिवाइडर निर्माण के दौरान पौधों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता था? क्या निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से नहीं किया जा सकता था, ताकि मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित न हो? नगर परिषद को यह स्पष्ट करना होगा कि विकास का मतलब जनता को परेशानी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना ही क्यों बनता जा रहा है।

इनका कहना हैं,,इंजीनियर शिवराज नगरपरिषद

डिवाइडर कंक्रीट बनाया जाएगा। हर 15 मीटर की दूरी में अशोक में पेड़ लगाए जाएंगे पुराने पेड़ पौधों को अलग कर दिया गया है

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