एक की जगह तीन एकड़ की रजिस्ट्री, खाताधारकों की भी नहीं ली सहमति

डिंडौरी। आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में भू-माफिया किसानों के अषिक्षित होने का जमकर फायदा उठा रहे हैं। पहले भोले भाले ग्रामीणों को महंगी कीमत का लालच देते हैं फिर धोखाधडी करके तय सौदा से ज्यादा जमीन की रजिस्ट्री करके जमीन हड़पने की कोशिश में लग जाते हैं। ताजा मामला राजस्व निरीक्षक मंडल विक्रमपुर अंतर्गत पटवारी हल्का सिंगारपुर का सामने आया है। जहां भू-माफिया एक बुजुर्ग महिला के अषिक्षित होने का फायदा उठा एक एकड़ की जगह तीन एकड़ की रजिस्ट्री करवा ली। इस पूरे विषय पर जमीन के अन्य खाता धारकों की सहमति भी नहीं ली। इस बावद पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से शिकायत करते हुए बतलाया है कि खरीददार ने महिला से मात्र एक एकड़ जमीन का सौदा किया था लेकिन चालाक खरीददार ने तीन एकड़ की रजिस्ट्री करवा ली है। पेश की गई शिकायत में भूस्वामी भागा उर्फ भागवती पिता गंगू लाल जाति अहीर ने बतलाया कि कमलेश राव पिता संपत लाल राव निवासी ग्राम देवरा ने उसकी राजस्व निरीक्षक मंडल विक्रमपुर, पटवारी हल्का नम्बर 28 सिंगारपुर माल में स्थित जमीन में एक एकड़ जमीन खरीदने का सौदा 2 लाख 10 हजार में किया था। जिसका खसरा नम्बर 78 है। महिला का आरोप है कि कमलेश राव ने धोखाधड़ी करते हुए छल कपट उसके हिस्से की संपूर्ण भूमि खसरा नम्बर 78, 103, 122/2 और 319 के रकवा की कुल लगभग तीन एकड़ भूमि की रजिस्ट्री करा ली। इस धोखाधडी के साथ ही कमलेश राव ने महिला के साथ दोबारा जालसाजी करते हुए सौदा की गई दो लाख दस हजार की राशि में से दो किस्तों में साठ हजार रुपये खाते खुलवाने और कंपनी में जमा कराने के नाम पर हड़प लिये। धोखाधड़ी की भनक लगने पर भागवती ने अन्य खातेदार और अपने भाई प्रताप लाल को जानकारी दी तो उनके पैरों तले जमीन सरक गई। आरोप है कि पहले तो कमलेश राव ने धोखाधड़ी करके महिला की जमीन हड़प ली और फिर रुपये भी वसूल लिये।
अन्य खाताधारकों से नहीं ली सहमति
शिकायतकर्ता के तौर पर शामिल खाताधारक प्रताप सिंह ने बतलाया कि खसरा नम्बर 78, 103, 122/2 और 319 में कुल 5.57 हेक्टेयर भूमि शामिल शरीक में भागू लाल, प्रताप लाल, चुन्नी बाई और भागवती के नाम दर्ज है। अब तक हम सभी हकदारों का बंटवारा नहीं हुआ है और जमीन विक्रय के दौरान शामिल खाता धारकों से सहमति भी नहीं ली गई है। बावजूद इसके जमीन की रजिस्ट्री हो गई। प्रताप लाल ने बतलाया कि जब इस संबंध में कमलेश राव से जानकारी ली गई तो कमलेश राव ने शिकायत करने पर जेल में बंद करने की धमकी प्रताप सिंह एवं भागवती को दी है। पीड़ित पक्ष ने तहसीलदार के समक्ष आवेदन पेश कर प्रमाणीकरण पर रोक लगाने की मांग भी की है।











