11 जनवरी को इंदौर रवाना होगा कांग्रेस का जत्था, मैहर से नेतृत्व करेंगे जिलाध्यक्ष धर्मेश घई
अभिषेक तिवारी

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस मैहर जिला अध्यक्ष धर्मेश घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि 11 जनवरी को इंदौर में कांग्रेस का बड़ा जनआंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मैहर से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था शामिल होगा।
धर्मेश घई ने बताया कि कांग्रेस की ओर से बड़ा गणपति चौक से अहिल्या चौक राजवाड़ा तक आक्रोश पैदल मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च सुबह 11 बजे शुरू होकर राजवाड़ा पर समाप्त होगा। इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सभी जिलाध्यक्षों को अधिकतम कार्यकर्ता जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
मैहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई स्वयं मैहर से जत्था लेकर इंदौर जाएंगे और प्रदर्शन में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।दूषित पानी से 20 मौतों का आरोप, सरकार पर लापरवाही का ठीकरा
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सरकार ने केवल चार मृतकों के परिजनों को ही 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया है।
कई पीड़ित अब भी अस्पतालों में जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि पिछले छह महीनों से दूषित पानी की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन प्रशासन और सरकार ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।
धर्मेश घई ने कहा कि इंदौर के प्रभारी मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री हैं और स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय होने के बावजूद जनता की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया गया।
जी राम जी’ योजना पर कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार
मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी योजना’ किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला।
धर्मेश घई ने कहा कि योजना का पूरा नाम “विकासशील भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” है, जिसमें भगवान राम के नाम का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान के नाम का राजनीतिक दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने कहा कि नाम बदलने से काम नहीं होता, भाजपा सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने का ही काम किया है।पिछले तीन वर्षों में सरकार 1 प्रतिशत भी रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाई, पंचायतों के अधिकार छीने जा रहे हैं और मनरेगा के कार्य ठप पड़े हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि मनरेगा से जहां पलायन रुका था, वहीं भाजपा की नीतियों ने इसे फिर बढ़ावा दिया है।










