डिंडौरी में अवैध शराब के खिलाफ युवाओं का आक्रोश, आंखों पर पट्टी बांधकर सौंपा ज्ञापन

डिंडौरी। नगर में धड़ल्ले से हो रही अवैध शराब बिक्री के खिलाफ युवाओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार को युवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधकर नायब तहसीलदार आशुतोष मिश्रा को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। युवाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। संगठन के अध्यक्ष विवेक ओबेरॉय ने बताया कि अवैध शराब बिक्री को लेकर एक सप्ताह पूर्व भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग को अवैध गतिविधियों की पूरी जानकारी होने के बावजूद जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है, जिससे शराब माफिया बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर 5 किलोमीटर के दायरे में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के स्पष्ट आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद डिंडौरी नगर के गली-मोहल्लों में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री की जा रही है, जो शासन के आदेशों और कानून व्यवस्था दोनों का उल्लंघन है। युवा संगठन ने चिंता जताई कि अवैध शराब की सहज उपलब्धता के कारण कई युवक नशे की लत में फंसते जा रहे हैं। कुछ युवा न केवल शराब पी रहे हैं बल्कि इसकी बिक्री में भी शामिल हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। अध्यक्ष ओबेरॉय ने कहा कि यह स्थिति सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है और अपराध को बढ़ावा दे रही है।
इसके अलावा नर्मदा नदी के पवित्र तट पर शराब पीने की घटनाओं पर भी युवाओं ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने बताया कि नदी किनारे शराब पीने वाले लोग श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ अभद्रता करते हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और जिले की छवि भी धूमिल होती है। ज्ञापन सौंपते समय संगठन के निखिल साहू, रोहित बर्मन, भावेश झरिया, ऋषभ तिवारी, मुकेश साहू सहित कई युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि अवैध शराब बिक्री पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।










