डिंडोरी जिले के बोंदर बापा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ठक्कर बाबा जयंती के नाम पर बच्चों से कराई जा गई मजदूरी
ग्राउंड रिपोर्ट / सुशील कुमार ठाकुर

डिंडौरी। बापा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ठक्कर बाबा जयंती की तैयारी के दौरान छात्रों से मजदूरी कार्य करवाए जाने की वीडियो कैमरे में कैद हुई है। विद्यालय परिसर में छात्रों को गैंती फावड़ा, मिट्टी से भरी बोरियाँ और सफाई संबंधी औज़ार लेकर काम करते हुए देखा गया। पूरी गतिविधि स्कूल समय में चल रही थी, जिस दौरान बच्चों को कक्षा में उपस्थित रहना चाहिए था। इस के दौरान यह साफ नजर आया कि शिक्षक स्वयं मौजूद थे और छात्रों से परिसर की सफाई, मिट्टी ढोने और तैयारी के अन्य काम करवा रहे थे। यह दृश्य शिक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। देशभर में जहां बाल अधिकार और शिक्षा के अधिकार को लेकर जागरूकता की बात की जाती है, वहीं विद्यालय में बच्चों से इस तरह के श्रम कार्य कराना नियमों और नैतिकताओं के विपरीत दिखाई देता है। ठक्कर बाबा जयंती और मेले की तैयारी के नाम पर हो रहे इस कार्य का सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है। स्कूल का समय शिक्षण गतिविधियों के लिए निर्धारित है, ऐसे में बच्चों को श्रम में लगाना उनके शिक्षण घंटे कम करने जैसी स्थिति पैदा करता है। साथ ही, इस प्रकार के काम उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं को भी जन्म देते हैं। रिपोर्टिंग के दौरान यह भी साफ देखा गया कि बच्चों के काम में संलग्न रहने के दौरान कक्षाओं में शिक्षण गतिविधियाँ लगभग ठप थीं। विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी शिक्षा देना है, लेकिन यहां स्कूल समय का उपयोग जयंती कार्यक्रम की तैयारी में किया गया। अब यह सवाल उठता है कि इस स्थिति पर क्या जिला प्रशासन संज्ञान लेगा या नहीं। स्कूल परिसर में रिकॉर्ड हुए इन दृश्यों को देखते हुए यह मामला प्रशासनिक समीक्षा की मांग करता है। फिलहाल रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि बच्चों से कराया गया यह कार्य शिक्षण प्रणाली और विद्यालय अनुशासन के मानकों पर कई गंभीर सवाल छोड़ता है।











