फ्लेक्स और फोटो खूब लगे, मगर पानी की बूंद तक नहीं
पोस्टरों की चमक से गायब मटका, प्यासे राहगीर खरीद रहे पानी की बोतल

डिंडोरी। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए लगाए जाने वाले सार्वजनिक प्याऊ इस बार सवालों के घेरे में हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में बड़े-बड़े पोस्टर, फ्लेक्स और प्रचार सामग्री तो नजर आ रही है, लेकिन जहां लोगों को ठंडे पानी की जरूरत है, वहां कई स्थानों पर प्याऊ के मटके ही गायब हैं या फिर केवल नाम मात्र के दिखाई दे रहे हैं। स्थिति यह है कि चिलचिलाती धूप में सफर कर रहे राहगीरों को अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूरी में पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में हर वर्ष नगर के विभिन्न स्थानों पर प्याऊ शुरू किए जाते थे, जिससे यात्रियों और मजदूर वर्ग को राहत मिलती थी। लेकिन इस बार व्यवस्थाओं की जगह प्रचार पर ज्यादा ध्यान दिया गया। कई स्थानों पर प्याऊ के नाम पर केवल पोस्टर और बैनर दिखाई दे रहे हैं, जबकि पानी की व्यवस्था नदारद है। लोगों का आरोप है कि जनसेवा से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी तैयारियों तक सीमित हैं।
नागरिकों ने मांग की है कि नगर में तत्काल सभी प्याऊ चालू किए जाएं, नियमित पानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो। लोगों का कहना है कि जनता को भाषण और प्रचार नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाली सुविधाएं चाहिए।










