ग्राम पंचायत देवगांव माल में लाखों के गबन का आरोप
निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल-वाउचर लगाकर शासकीय राशि आहरण करने की शिकायत, जांच की मांग तेज

डिण्डौरी/शहपुरा। जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवगांव माल में सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक पर विभिन्न निर्माण कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितता और शासकीय राशि के गबन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत में आरोप है कि पंचायत में 5वां वित्त, 14वां वित्त, टाईड-अनटाईड, पंच परमेश्वर एवं मनरेगा योजनाओं के तहत स्वीकृत कई निर्माण कार्यों में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर लाखों रुपये की राशि आहरित कर ली गई, जबकि कई कार्य धरातल पर अधूरे हैं या हुए ही नहीं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव बलराम सिंह सैयाम द्वारा स्वयं ठेकेदारी कर निर्माण कार्य कराए गए और मजदूरों की जगह मशीनों का उपयोग कर योजनाओं के नियमों की अनदेखी की गई। साथ ही वास्तविक लागत से अधिक राशि निकालकर शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया।
सीसी रोड निर्माण में अनियमितता के आरोप
ग्रामीणों के अनुसार देवगांव में पानी टंकी के पास निर्मित सी.सी. रोड का कार्य नियमों के विपरीत मशीनों से रातोंरात कराया गया। आरोप है कि मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान दर्शाकर फर्जी बिल-वाउचर लगाए गए और वास्तविक निर्माण लागत से अधिक राशि निकाल ली गई। निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
पुलिया निर्माण के नाम पर लाखों की राशि आहरित
शिकायत में कई पुलिया निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया कि किरिगिहा नाला डोमदादर में पुलिया निर्माण कार्य (वर्क आईडी 100805623) तथा ग्राम देवगांव माल स्कूल के पास स्वीकृत पुलिया निर्माण में लाखों रुपये की राशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर केवल प्रारंभिक प्लिंथ कार्य ही दिखाई देता है और पुलिया का निर्माण नहीं हुआ। इसी प्रकार सरवानी नाला देवगांव में पुलिया निर्माण (वर्क आईडी 101322922) के नाम पर राशि आहरित किए जाने का आरोप है, जबकि स्थल पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं पाया गया। वहीं देवगांव रैयत स्कूल के पास दो पुलियाओं (वर्क आईडी 100805625 एवं 100805626) के निर्माण के नाम पर भी फर्जी भुगतान कर शासकीय राशि गबन करने की शिकायत की गई है।
कचरा घर और रंगमंच सिर्फ कागजों में
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि देवगांव स्कूल के पास दो कचरा घर निर्माण के नाम पर राशि निकाली गई, लेकिन दोनों स्थानों पर कचरा घर अस्तित्व में ही नहीं हैं। इसी तरह मिल्दा आश्रम में रंगमंच निर्माण के लिए लाखों रुपये स्वीकृत कर राशि आहरित कर ली गई, जबकि मौके पर रंगमंच का कोई निर्माण नहीं हुआ।
तालाब सीढ़ी निर्माण और सीसी रोड में गुणवत्ता पर सवाल
ग्राम देवगांव स्कूल के पास स्थित सार्वजनिक तालाब में सीढ़ी निर्माण कार्य को अधूरा और गुणवत्ताहीन बताया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निर्माण अधूरा छोड़कर लाखों रुपये की राशि निकाल ली गई।इसके अलावा मुकद्दम टोला देवगांव माल में पंच परमेश्वर योजना अंतर्गत लगभग 100 मीटर सी.सी. रोड निर्माण में भी भारी अनियमितता का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण कर करीब 5 लाख रुपये की राशि फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से निकाल ली गई।
शासकीय भूमि पर अवैध खनन का भी आरोप
शिकायत में रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि देवगांव से मिलौड़ी मार्ग स्थित सार्वजनिक निस्तार भूमि एवं पटपरिहा नाला के समीप ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए वृक्षारोपण क्षेत्र में जेसीबी मशीन लगाकर अवैध खुदाई की गई और शासकीय भूमि को निजी कृषि भूमि में तब्दील कर दिया गया।
ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में लंबे समय से निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी स्वीकृतियां लेकर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि इससे शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची है और ग्राम विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए तो पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार और फर्जी भुगतान की परतें खुल सकती हैं।










