देर रात IPS के थोक तबादले: डिंडोरी सहित 23 जिलों के SP बदले, कई DIG भी चेंज, 
मध्यप्रदेश सरकार ने शनिवार देर रात पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए। इस व्यापक बदलाव में डिंडोरी सहित 23 जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) बदले गए हैं, वहीं कई डीआईजी, एडीजी और पुलिस मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस तबादला सूची ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है। खासतौर पर जबलपुर के एडिशनल एसपी आयुष गुप्ता के तबादले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल बना हुआ है। उन्हें भोपाल में नई पदस्थापना देते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे प्रशासनिक दृष्टि से एक बड़ी रणनीतिक पोस्टिंग माना जा रहा है। सरकार द्वारा जारी सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। सिमाला प्रसाद को डीआईजी पुलिस मुख्यालय भोपाल बनाया गया है, जबकि सुंदर सिंह कनेश को रेल एसपी जबलपुर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डिंडोरी जिले में आशीष खरे को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा रीवा, सीधी, मंडला, खंडवा, दमोह, शिवपुरी, सिंगरौली, बालाघाट, छतरपुर, सतना, शहडोल, उमरिया सहित कई जिलों के एसपी बदले गए हैं। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार ग्रहण करें। सूत्रों की मानें तो यह फेरबदल केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, पुलिसिंग में तेजी लाने और जिलों में प्रशासनिक संतुलन स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कई जिलों में लंबे समय से अधिकारियों के प्रदर्शन को लेकर समीक्षा चल रही थी, जिसके बाद यह बड़ा निर्णय लिया गया। जबलपुर में आयुष गुप्ता का तबादला विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि वे कई महत्वपूर्ण मामलों की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उनकी कार्यशैली को लेकर पुलिस विभाग में अलग पहचान रही है। ऐसे में भोपाल में उनकी नई जिम्मेदारी को प्रमोशनल और रणनीतिक पोस्टिंग दोनों के रूप में देखा जा रहा है। डिंडोरी जिले में आशीष खरे की पदस्थापना को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिसिंग को मजबूत करना उनकी प्राथमिक चुनौती होगी। स्थानीय स्तर पर इस बदलाव को लेकर लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है। वहीं सिमाला प्रसाद को पुलिस मुख्यालय भोपाल में डीआईजी बनाए जाने को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे मुख्यालय स्तर पर समन्वय, मॉनिटरिंग और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार के इस बड़े फैसले के बाद पुलिस विभाग में नई ऊर्जा और नई रणनीति के साथ काम होने की संभावना बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की नई कार्यशैली और निर्णयों का असर जिलों की कानून व्यवस्था पर साफ दिखाई देगा। प्रदेशभर में यह तबादला सूची चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग अब यह देखने के इंतजार में हैं कि नए अधिकारियों की तैनाती से प्रशासनिक व्यवस्था में कितना बड़ा बदलाव आता है।










