डिंडौरी में लोक सेवा आयोग परीक्षा की तैयारियों का निरीक्षण, 1033 अभ्यर्थी होंगे शामिल

डिंडौरी। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की आगामी प्रारंभिक परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। 26 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने संभागीय नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने जिले के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय तथा शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिंडौरी का भ्रमण किया। इस दौरान परीक्षा केन्द्रों पर बैठने की व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए रैम्प और व्हीलचेयर जैसी मूलभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया गया। जिला परीक्षा प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के तीन परीक्षा केन्द्रों पर कुल 1033 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में 382, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में 350 तथा शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में 300 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। उन्होंने बताया कि परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरा सत्र दोपहर 2:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक संपन्न होगा। आयोग के निर्देशानुसार सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर निर्धारित समय से 90 मिनट पूर्व पहुंचना अनिवार्य रहेगा। इस बार परीक्षा में त्रिस्तरीय नवीन जांच प्रक्रिया लागू की गई है, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। इसमें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग तथा एचएचएमडी मशीन के माध्यम से तलाशी शामिल है। प्रशासन ने सभी केन्द्रों पर इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थियों को केवल ई-प्रवेश पत्र, वैध फोटो पहचान पत्र, निर्धारित स्याही का पेन, स्वयं का फोटोग्राफ, पारदर्शी पानी की बोतल तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक सामग्री ही साथ लाने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त वही सामग्री अनुमन्य होगी, जिसका उल्लेख ई-प्रवेश पत्र में किया गया है।वहीं परीक्षा केन्द्र में पेंसिल, रबर, व्हाइटनर, स्केल, बैग, पुस्तकें या अन्य पठन सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, हैंडफ्री, डिजिटल या एनालॉग घड़ी सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा क्लचर, बेल्ट, बक्कल, कफलिंक, चश्मा, पर्स, टोपी जैसी एसेसरीज तथा चाबी, माचिस, लाइटर और धारदार वस्तुएं भी परीक्षा केन्द्र में ले जाना निषिद्ध रहेगा। जूते-मोजे पहनकर तथा चेहरे को ढंककर परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।धार्मिक प्रतीकों को लेकर भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। हिजाब, पगड़ी, पल्ला, कलावा, ताबीज जैसे धार्मिक प्रतीकों का सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा, लेकिन किसी भी स्थिति में इन्हें काटने या बलपूर्वक हटाने की अनुमति नहीं होगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। केन्द्रों के प्रवेश द्वार पर रैम्प और व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उनकी बैठक व्यवस्था भूतल पर प्रशासन कक्ष के समीप की जाएगी, साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी सुगम स्थान पर सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिपूरक समय के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिलेगा जिन्हें सहलेखक की सुविधा स्वीकृत की गई है। तीन घंटे की परीक्षा के लिए 60 मिनट तथा दो घंटे की परीक्षा के लिए 40 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। जिन दिव्यांग अभ्यर्थियों ने सहलेखक की सुविधा का उपयोग नहीं किया है, उन्हें अतिरिक्त समय प्रदान नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान लाइजिंग अधिकारी एवं एसडीओ आरईएस श्री ए.के. असाटी, जिला परीक्षा प्रभारी श्री वैधनाथ वासनिक, जनसंपर्क अधिकारी श्री चेतराम अहिरवार सहित संबंधित परीक्षा केन्द्रों के प्राचार्य एवं प्रभारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सभी अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले। जिला प्रशासन ने सभी केन्द्रों पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है, ताकि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संपन्न हो सके।










