तेन्दुमेर मोहतरा में सीसी सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार: एसडीओ के जांच में लीपापोती,अब जिला पंचायत स्तर से हुई जांच,टीम गठित

– तकनीकी अधिकारियों के सरंक्षण में चल रहा भ्रष्टाचार का खेल
– जनपद पंचायत डिंडौरी के ग्राम पंचायत तेंदुमेर मोहतरा का मामला
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– तेंदुमेर मोहतरा के बीच टोला और जंगल टोला में कराए गए सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार
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– एसडीओ के जांच में लीपापोती,अब जिला पंचायत स्तर से होगी जांच
डिंडौरी। जिले के जनपद पंचायत डिंडौरी के ग्राम पंचायत तेंदूूमेर मोहतरा में सरपंच – सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से सीसी सड़क का घटिया निर्माण कराया गया है। बताया गया कि ग्राम पंचायत तेंदूमेर मोहतरा के बीच टोला और जंगल टोला में लाखो रू की लागत से एक महीने पहले सीसी सड़क निर्माण कराया गया है,जहां पर मापदंड को दरकिनार कर कराए जाने के कारण सीसी सड़क के गुणवत्ता की पोल खुल गई है। उक्त सीसी सड़क में कई जगह दरारें पड़ गई है। कई जगह तय मापदंड के अनुसार मोटाई नहीं है। कई जगह बोल्डर दिखाई दे रहे है। इसके अलावा सीसी सड़क से रेत,सीमेंट निकलने लगी है। मामला उजागर होने के बाद जनपद पंचायत डिंडौरी एसडीओ बृजेंद्र सारीवान के द्वारा जांच की गई है। जानकारी के अनुसार एसडीओ के द्वारा जिला पंचायत में सौंपे गये जांच प्रतिवेदन में सीसी सड़क में हुई गड़बड़ी का उल्लेख नहीं किया गया है,बल्कि सीसी सड़क निर्माण में गड़बड़ी करने वालों को बचाते हुए सड़क में कोई खामियां नही पाई गई है,का उल्लेख करते हुये पूरी तरह बचाने की कोशिश की गई है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि एसडीओ के सरंक्षण में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।
वहीं मामले की जांच एसडीओ के द्वारा करने के बाद अब जिला पंचायत स्तर से भी जांच करने के लिये समिति गठित किया गया गया है। जिला पंचायत सीईओ के द्वारा जांच करने के लिये चार सदस्यीय टीम गठित किया गया है,जिसमें से अतिरिक्त मुख्यकार्यपालन अधिकारी पंकज जैन,ललित वैद्य कार्यपालन यंत्री आरईएस विभाग,प्रदीप कुमार शुक्ला मनरेगा परियोजना अधिकारी,सुधीर कुमार चैरसिया लेखापाल जिला पंचायत डिंडौरी शामिल है। यह समिति को 3 दिवस के भीतर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये है।
बिना लेआउट के करा दिये लाखो रू के सीसी सड़क
ग्राम पंचायत तेंदूमेर मोहतरा के बीच टोला में बस्ती विकास योजना से 5 लाख रू की लागत से देवकरण के घर से तालका के घर तक सीसी सड़क निर्माण कराया गया है। वहीं कुलपत के घर की ओर 15 वां वित्त योजना के तहत सड़क निर्माण कराया गया है। इन दोनों सड़क में दरार पड़ने लगी है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच सचिव और ठेकेदार की मिलीभगत से सीसी सड़क का घटिया निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुये बताया कि ठेकेदार के द्वारा मजदूरों के जगह फ्यूरी मशीन का उपयोग किया गया है।
बिना बेस के कराया गया निर्माण
सचिव कमल सिंह पटटा के द्वारा बताया गया कि दोनों सड़क का निर्माण बिना बेस के कराया गया है। वहीं उपयंत्री के निर्देषन में कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक बिछाया गया,उसके उपर ही सीधे ढ़लाई किया गया है। वहीं कई जगहों पर बोल्डर दिख रहे है।
4.50 लाख की सीसी रोड 6 महीने में उखड़ी
ग्राम पंचायत तेन्दुमेर मोहत्तरा के जंगल टोला में कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्य ने एक बार फिर पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार जीयत के घर से पुलिया तक 15वें वित्त आयोग की राशि से करीब 4.50 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क लगभग 5 से 6 महीने पहले बनाई गई है। लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की हालत खराब होने लगी।
ग्रामीणों ने लगाया घटिया सड़क निर्माण कराने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया गया। जहां एक मजबूत और टिकाऊ सीसी रोड के लिए पर्याप्त मोटाई जरूरी होती है, वहीं इस सड़क की मोटाई महज 2 से 4 इंच तक ही रखी गई। इतना ही नहीं, निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सीमेंट-कंक्रीट का उपयोग करने के बजाय सड़क के अंदर बोल्डर भरकर काम पूरा कर दिया गया है। इससे सड़क की मजबूती शुरू से ही कमजोर हो गई। निर्माण कार्य की खामियों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। सड़क कई जगहों से उखड़ चुकी है, दरारें पड़ गई है। इससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।











