4.50 लाख की सीसी रोड 6 महीने में उखड़ी, निर्माण में गड़बड़ी के गंभीर आरोप – जनपद पंचायत डिंडौरी के ग्राम पंचायत तेन्दुमेर मोहतरा का मामला

4.50 लाख की सीसी रोड 6 महीने में उखड़ी, निर्माण में गड़बड़ी के गंभीर आरोप

– जनपद पंचायत डिंडौरी के ग्राम पंचायत तेन्दुमेर मोहतरा का मामला

डिंडौरी। जिले के ग्राम पंचायत तेन्दुमेर मोहत्तरा के जंगल टोला में कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्य ने एक बार फिर पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार जीयत के घर से पुलिया तक 15वें वित्त आयोग की राशि से करीब 4.50 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क लगभग 5 से 6 महीने पहले बनाई गई है। लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की हालत खराब होने लगी।

ग्रामीणों ने लगाया घटिया सड़क निर्माण कराने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया गया। जहां एक मजबूत और टिकाऊ सीसी रोड के लिए पर्याप्त मोटाई जरूरी होती है, वहीं इस सड़क की मोटाई महज 2 से 4 इंच तक ही रखी गई। इतना ही नहीं, निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सीमेंट-कंक्रीट का उपयोग करने के बजाय सड़क के अंदर बोल्डर भरकर काम पूरा कर दिया गया है। इससे सड़क की मजबूती शुरू से ही कमजोर हो गई। निर्माण कार्य की खामियों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। सड़क कई जगहों से उखड़ चुकी है, दरारें पड़ गई हैं और जगह-जगह गड्ढे बनने लगे हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।

उपयंत्री ने कहा सुधार कराया जाएगा

लोगों का कहना है कि सड़क बनने के समय ही इसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह था, लेकिन अब कुछ ही महीनों में सड़क का टूटना इस बात का प्रमाण है कि निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई है।

जब इस मामले में संबंधित उपयंत्री से बात की गई, तो उन्होंने पहले स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए निर्माण कार्य को लेकर टालमटोल किया गया। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि सड़क निर्माण में गड़बड़ी हुई है,जिसे सुधार कराया जाएगा। इससे स्पष्ट हो रहा है कि सीसी सड़क निर्माण में गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों को है।

उपयंत्री के कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

वहीं पंचायत सचिव ने इस पूरे मामले में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि निर्माण कार्य उपयंत्री के निर्देशानुसार ही कराया गया है। सचिव के अनुसार, उपयंत्री द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर ही सड़क का निर्माण हुआ। जब उनसे पूछा गया कि निर्माण के दौरान उपयंत्री कितनी बार मौके पर निरीक्षण करने आए, तो उन्होंने बताया कि उपयंत्री केवल कार्य प्रारंभ होने से पहले लेआउट डालने और कार्य पूरा होने के बाद मूल्यांकन करने आते हैं। निर्माण के दौरान नियमित निगरानी नहीं होने से गुणवत्ता पर असर पड़ना स्वाभाविक है। इस पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

इनका कहना है प्रमोद ओझा सीईओ जनपद पंचायत डिंडोरी

आपके माध्यम से जानकारी मिली है इसकी जांच कराई जाएगी और जांच ने अनुसार कारवाही की जाएगी 

इनका कहना है एसडीओ विजेंद्र सारीवान जनपद पंचायत डिंडोरी

पहले देख लू फिर कुछ बता पाऊंगा

इनका कहना है उपयंत्री धर्मेंद्र यादव

निर्माण कार्य में खामियां तो है जिसमें सुधार करवा दूंगा

इनका कहना है कमल सिंह पट्टा सचिव

उपयंत्री के निर्देश अनुसार ही काम कराया गया है

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