18 लाख की तालाब निर्माण में हुई अनियमितता की जांच कराने के निर्देश
– स्थल चयन में मनमानी,पानी आने के लिये कोई स्त्रोत नहीं
– जिला पंचायत सीईओ ने जांच कराने जनपद सीईओ समनापुर को जारी किया पत्र
– जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत किवाड़ का मामला

गणेश मरावी,डिंडौरी। जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत किवाड़ में निर्माण कार्यो में जमकर अनियमितता बरती जा रही है। यहां पर लंबे समय से भृष्टाचार और फर्जीवाड़ा का मामला सामने आ रही है,किंतु जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नही की जा रही है। यही कारण है कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी करने वालों के हौसले बुलंद है। वहीं उपयंत्री और एसडीओ के द्वारा भी अपने कर्तव्यों को सही ढंग से निर्वहन नही कर रहे हैं। दरअसल ग्राम पंचायत किवाड़ के बर नाला में लगभग 18 लाख रु की लागत से तालाब निर्माण कराया गया है,जहां गर्मी की दस्तक देते ही तालाब का पूरा पानी सूख गया है। बताया गया कि तालाब निर्माण में जमकर लापरवाही बरती गई है। तालाब के निचले हिस्से से तेजी से पानी रिसाव हो रहा था,जिसके कारण तालाब सूख गया है। मामले को लेकर एसडीओ वंदना मार्को के द्वारा जांच करने की बात कही गई थी,लेकिन एसडीओ के द्वारा जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई है। वहीं अब तालाब निर्माण में की गई अनियमितता की जांच कराने के लिए जिला पंचायत सीईओ के द्वारा जनपद पंचायत सीईओ समनापुर को पत्र जारी किया गया है। सीईओ को जांच कर स्पष्ट अभिमत के साथ जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
पानी रिसाव के चलते सूख गया तालाब
ग्राम पंचायत किवाड़ के बर नाला में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मनरेगा योजना से 17.90 लाख रू की लागत से बर नाला में तालाब निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब निर्माण में जिम्मेदारों के द्वारा भारी लापरवाही बरती गई है। बारिश के समय में तालाब में लबालब पानी भरा था,लेकिन लगातार तालाब के निचले हिस्से से पानी रिसाव होने के चलते तालाब गर्मी पहुंचने से पहले सूख गया है। बताया गया कि तालाब निर्माण के दौरान पिचिंग निर्माण के दौरान रोलर से ठीक से नहीं दबवाया गया है।
नाला छोड़कर कराया गया तालाब निर्माण
ग्राम पंचायत किवाड़ के बर नाला में तालाब निर्माण कराया गया है। जिस जगह में तालाब निर्माण कराया गया है,वहां पर उपर पहाड़ी क्षेत्र से पानी आने का कोई स्त्रोत नही है न ही कोई नाला है। जिम्मेदारों के द्वारा नाला को छोड़कर तालाब बनाया गया है,जबकि नाला तालाब के किनारे है। जानकारी के अनुसार उपयंत्री के द्वारा निर्माण कार्य की स्वीकृति होने से पहले निर्माण स्थल की निरीक्षण किया जाता है,उसके बाद ही स्वीकृति दी जाती है,लेकिन यहां पर उपयंत्री के बिना निरीक्षण किये ही तालाब निर्माण कराना प्रतीत हो रहा है।
गर्मी पहुंचने से पहले सूख गया तालाब
किवाड़ पंचायत में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लाखों रू खर्च कर तालाब निर्माण कराया गया है,जिससे ग्रामीणों को दैनिक निस्तार के लिये पर्याप्त पानी मिल सके। किंतु यहां जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते गर्मी की दस्तक देते ही तालाब का पूरा पानी सूख गया है।










