उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान डिंडौरी में भव्य सामूहिक विवाह समारोह संपन्न, 200 वर-वधु परिणय सूत्र में बंधे

डिंडौरी। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग के तत्वावधान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान डिंडौरी में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद पंचायत डिंडौरी के कुल 200 वर-वधु पवित्र वैवाहिक बंधन में बंधे। पूरे कार्यक्रम में उत्सव, परंपरा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, जनपद अध्यक्ष आशा धुर्वे, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश धुर्वे, पार्षद भागीरथ उरेती, ज्योतिरादित्य भलावी, महेश धूमकेती, अशोक अवधिया, सुधीर दत्त तिवारी, जिला पंचायत सदस्य हीरा रुद्रेश परस्ते, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नरबदिया मरकाम, श्रीमती स्नेहलता ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा, डिंडौरी एसडीएम रामबाबू देवांगन, तहसीलदार शशांक शेण्डे, महिला एवं बाल विकास विभाग के श्याम सिंगौर, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव, पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री मोहित सिंह धुर्वे, जनसंपर्क अधिकारी चेतराम अहिरवार सहित अनेक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ विवाह
कार्यक्रम में विवाह की सभी रस्में पूरी हिंदू परंपरा और रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराई गईं। वधुओं को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण से मुख्य समारोह स्थल तक लाया गया, वहीं शासकीय माध्यमिक विद्यालय से बारात निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होती हुई उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान पहुंची। ढोल-नगाड़ों, गुदुम बाजा और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। धर्मगुरु दान सिंह मरावी, मनोहर सिंह परस्ते एवं सुशील द्विवेदी ने मंत्रोच्चारण के साथ सभी 200 जोड़ों को सात फेरे दिलवाए और वैवाहिक बंधन में बांधा।
नवदंपतियों को दी गई आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सभी नवविवाहित जोड़ों को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में 49,000 रुपये की राशि ऑनलाइन उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। प्रशासन द्वारा सभी युगलों को टोकन प्रदान कर व्यवस्था को सुचारू और व्यवस्थित बनाया गया। इसके साथ ही दोनों पक्षों के परिजनों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिससे कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने संतोषपूर्वक सहभागिता निभाई।
विधायक ओमकार मरकाम ने दिया प्रेरणादायक संदेश
डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विवाह जीवन का एक पवित्र बंधन है, जो विश्वास, जिम्मेदारी और आपसी सहयोग पर आधारित होता है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी को जीवन के हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाते हुए परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।उन्होंने नवयुगलों से नशामुक्त जीवन अपनाने, माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करने तथा सामाजिक मूल्यों को बनाए रखने की अपील की।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने योजना को बताया लाभकारी
जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस योजना ने विवाह प्रक्रिया को सरल, सम्मानजनक और सहज बनाया है। शासन की यह पहल समाज के हर वर्ग को सहयोग देने का कार्य कर रही है।
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने गाया मनमोहक गीत
शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने अपने संबोधन में कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन की शुरुआत सबसे पहले डिंडौरी जिले में उनके प्रयासों से हुई थी, जिसकी सफलता के बाद इसे पूरे मध्यप्रदेश में अपनाया गया। उन्होंने कहा कि यह योजना सभी समुदायों के लिए खुशहाली और सम्मान का माध्यम बनी है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धर्मगुरुओं के साथ मिलकर हल्दी, भांवर और विवाह संस्कारों से जुड़े मनमोहक पारंपरिक गीत भी गाए, जिससे कार्यक्रम में आनंद और आत्मीयता का वातावरण बन गया। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि प्रत्येक नववधु के ससुराल में राशन कार्ड, आधार कार्ड, परिचय पत्र और समग्र आईडी जैसी आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण कराई जाएं ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। साथ ही उन्होंने नवदंपतियों से घमंड और नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित जीवन जीने की अपील की।
कलेक्टर ने कहा—मैं वधु पक्ष से शामिल हुई हूं
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने भावुक अंदाज में कहा कि वह इस सामूहिक विवाह समारोह में वधु पक्ष से शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों और सामाजिक जिम्मेदारियों का पवित्र मिलन है। उन्होंने सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपनी बहुओं को बेटी के समान सम्मान दें और उनके सुख-दुख में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत होगा जब परिवारों में समानता, सम्मान और अपनापन होगा। कलेक्टर ने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि समाज का हर वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
सफलतापूर्वक संपन्न हुआ आयोजन
भोजन व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता के साथ यह विशाल सामूहिक विवाह समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखी, समृद्ध और खुशहाल दांपत्य जीवन की शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के इस आयोजन ने न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत दी, बल्कि सामाजिक समरसता, परंपरा और सम्मानजनक विवाह व्यवस्था का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।










