
लाखों की लागत से बनी सडक चंद महीनों में ही खस्ताहाल,,,,,
जनपद पंचायत बजाग के ग्राम पंचायत बरसोद का मामला
डिंडौरी। जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत बरसोद के पोषक ग्राम अतरिया माल में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सीसी सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2025 में 15वें वित्त आयोग की राशि से लगभग 5 लाख 51 हजार रुपये की लागत से तिहरु के घर से मरावी के घर की ओर सीसी सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण के चंद महीनों के भीतर ही सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी। वर्तमान में सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई हिस्सों में सीसी परत पूरी तरह टूटकर बिखर गई है।
ग्रामीणों ने जनसुनवाई में की शिकायत
ग्राम पंचायत बरसोद में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों एवं खरीदी में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुंचकर जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। ग्राम पंचायत बरसोद के ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत में कई विकास कार्यों और सामग्री खरीदी में नियमों की अनदेखी करते हुए भ्रष्टाचार किया गया है, जिससे शासकीय राशि का दुरुपयोग हुआ है। शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि माखन के घर से चकरार नदी तक सीसी सड़क निर्माण के लिए शासन से स्वीकृत राशि का आहरण कर लिया गया, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में कार्य पूर्ण दर्शाया गया है, जबकि वास्तविकता में सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। उन्होंने इस मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है।
ग्रेवल सडक में धांधली के आरोप
ग्रामीणों ने इसके अलावा कॉलेज तक ग्रेवल सड़क निर्माण को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस सड़क का उल्लेख शासकीय अभिलेखों में किया गया है, लेकिन मौके पर सड़क का स्पष्ट अस्तित्व दिखाई नहीं देता। यदि कहीं निर्माण हुआ भी है तो वह अति निम्न गुणवत्ता का है और मानकों के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों ने पंचायत द्वारा 49 हजार रुपये से अधिक की सामग्री खरीदी में भी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नियमानुसार इतनी राशि से अधिक की खरीदी के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा न करते हुए मनमाने तरीके से एक ही फर्म से खरीदी की गई, जिससे वित्तीय अनियमितता की आशंका है।
शासकीय नियमों के विपरीत कार्य
शिकायत में रंगमंच निर्माण का मामला भी शामिल है। ग्रामीणों के अनुसार यह निर्माण कार्य पोषक ग्राम अतरिया रैयत में किया जाना था, लेकिन कार्य निर्धारित स्थान पर सही ढंग से नहीं कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता और प्रक्रिया दोनों पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कार्य मनमाने तरीके से कराया जा रहा है, जो शासकीय नियमों के विपरीत प्रतीत होता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, संबंधित अभिलेखों और भुगतान की जांच की जाए, तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।










