
जंगल बचाने की अनोखी मुहिम: साल बोरर कीट के सिरों की माला खरीद रहा वन विभाग, स्थानीय ग्रामीण बने अभियान का हिस्सा
डिंडौरी। मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के घने साल वनों को बचाने के लिए वन विभाग ने एक अनोखा अभियान शुरू किया है। जिले के करंजिया, समनापुर और बजाग विकासखंड के जंगलों में एक बार फिर साल बोरर कीट का प्रकोप तेजी से फैलने लगा है। यह कीट साल (सरई) के पेड़ों के तनों में छेद कर उन्हें अंदर से कमजोर कर देता है, जिससे बड़ी संख्या में पेड़ों के सूखने का खतरा पैदा हो जाता है।
इसी खतरे से निपटने के लिए वन विभाग स्थानीय ग्रामीणों की मदद ले रहा है। ग्रामीण सुबह के समय पेड़ों पर मौजूद साल बोरर कीटों को पकड़ते हैं। इसके बाद कीटों को मारकर उनके सिर अलग किए जाते हैं और 100 सिरों की एक माला तैयार की जाती है। वन विभाग इन मालाओं की गिनती के आधार पर उन्हें खरीद रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक कीटों का नाश कर जंगलों को सुरक्षित रखना है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के समय कीट अपेक्षाकृत आसानी से पकड़ में आ जाते हैं। विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 100 कीटों के सिरों की एक माला बनाकर जमा कराई जाती है। इससे एक ओर जंगलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों की संख्या कम हो रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को रोजगार और अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार साल बोरर कीट का प्रकोप नियंत्रित करने के लिए यह अभियान प्रभावी साबित हो रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और ग्रामीणों को कीट की पहचान, पकड़ने की विधि तथा वन संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।










