
चटुवा–बिछिया मार्ग पर ग्रेवल निर्माण का विरोध, प्रधानमंत्री सड़क योजना में शामिल करने की मांग
70 लाख की लागत से बन रही सड़क पर उठे सवाल, प्रधानमंत्री सड़क योजना में स्वीकृति की मांग
डिंडौरी। जिले के ग्राम चटुवा से बिछिया मार्ग पर प्रस्तावित ग्रेवल सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर डिंडौरी को आवेदन सौंपकर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से बनी डब्ल्यूबीएम सड़क के ऊपर ग्रेवल मार्ग बनाना तकनीकी रूप से गलत है और इससे सरकारी धन की बर्बादी होगी।
वर्ष 2012-13 में बना था डब्ल्यूबीएम मार्ग
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि वर्ष 2012-13 में चटुवा से बिछिया तक डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण कराया गया था। यह मार्ग दोनों गांवों के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। लंबे समय से ग्रामीण इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की सड़क के रूप में स्वीकृत कराने की मांग करते आ रहे हैं।
रोजगार गारंटी मद से मिली 70 लाख की स्वीकृति
ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन वर्ष पहले ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग डिंडौरी द्वारा रोजगार गारंटी मद से लगभग 70 लाख रुपये की लागत से इसी डब्ल्यूबीएम सड़क के ऊपर ग्रेवल मार्ग निर्माण की स्वीकृति दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से बनी सड़क पर ग्रेवल डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
बरसात में बह जाएगा ग्रेवल, बेकार होगा सरकारी पैसा
शिकायत में कहा गया है कि ग्रेवल सड़क बरसात में बह जाने की संभावना रहती है। ऐसे में यह निर्माण कार्य टिकाऊ नहीं होगा और सरकारी राशि व्यर्थ चली जाएगी। ग्रामीणों ने इसे योजना और तकनीकी मानकों के विपरीत बताया है।
पहले भी हुआ था विरोध, कलेक्टर से की थी शिकायत
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2025 के अक्टूबर-नवंबर माह में जब निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तब पूरे गांव ने इसका विरोध किया था। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर निर्माण कार्य निरस्त करने और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की सड़क स्वीकृत कराने की मांग रखी थी।
आदेश के बावजूद नहीं रुका निर्माण!
आवेदन में दावा किया गया है कि उस समय कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के कार्यपालन यंत्री को ग्रेवल मार्ग निर्माण निरस्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से निरस्त नहीं किया गया। अब फिर से मार्ग पर काम शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।

70-80 ट्रॉली मुरूम डालने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अक्टूबर-नवंबर में मार्ग पर 70 से 80 ट्रॉली मुरूम डाला गया था। अब जानकारी मिली है कि करीब 10 लाख रुपये का भुगतान एक व्यक्ति के नाम पर ऑनलाइन जनरेट किया गया है, जबकि निर्माण कार्य को लेकर विवाद बना हुआ है।
मजदूरों को भुगतान नहीं होने का भी आरोप
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अब तक किसी भी मजदूर को मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन के नियमों के अनुसार मजदूरी का भुगतान प्राथमिकता से होना चाहिए, लेकिन मौके पर मजदूरों से कार्य भी नहीं कराया गया और भुगतान प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री सड़क योजना में स्वीकृति की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि डब्ल्यूबीएम सड़क के ऊपर हो रहे ग्रेवल निर्माण को तत्काल बंद कराया जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा चटुवा-बिछिया मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल कर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए।
मंत्री को भी भेजी शिकायत की प्रति
ग्रामीणों ने अपने आवेदन की प्रतिलिपि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री को भी भेजी है और मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
यह समाचार ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को दिए गए शिकायत आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है।










