पहले 20 लाख की सड़क स्वीकृत, अब उसी मार्ग पर दोबारा सीसी सड़क निर्माण!
ग्राम पंचायत केवलारी में विकास कार्यों पर उठे सवाल, सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में

डिंडौरी। जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत केवलारी में सीसी सड़क निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मार्ग के लिए वर्ष 2018 में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क स्वीकृत हुई थी, उसी स्थान पर अब पुनः नई सीसी सड़क स्वीकृत कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। मामले ने पंचायत में हुए विकास कार्यों की पारदर्शिता और सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत केवलारी के पोषक ग्राम मुगदरा में वर्ष 2018 के दौरान लगभग 20 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य धरातल पर नहीं हुआ, जबकि योजना की पूरी राशि खर्च दर्शाकर भुगतान कर दिया गया। इसके बावजूद आज तक उस स्वीकृत सड़क का वास्तविक स्वरूप गांव में दिखाई नहीं देता। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वर्ष 2018 में स्वीकृत सड़क का निर्माण हुआ था तो उसका भौतिक अस्तित्व कहां है और यदि निर्माण नहीं हुआ था तो उस योजना की राशि किस प्रकार खर्च कर दी गई। यह प्रश्न आज भी अनुत्तरित है।
उसी मार्ग पर फिर स्वीकृत हुई नई सड़क
ग्रामीणों के अनुसार अब सरपंच और सचिव द्वारा उसी स्थान पर दोबारा सीसी सड़क की तकनीकी स्वीकृति (टीएस) प्राप्त कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि पहले स्वीकृत सड़क की राशि के उपयोग की जांच किए बिना नई सड़क स्वीकृत कर दी गई, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से स्वीकृत सड़क का रिकॉर्ड मौजूद है तो संबंधित विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नई स्वीकृति किस आधार पर दी गई। साथ ही वर्ष 2018 की योजना का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
जांच की मांग तेज
मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत एवं संबंधित विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों सड़क योजनाओं की तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान संबंधी दस्तावेज और स्थल निरीक्षण कर सत्यता सामने लाई जाए। यदि पहली सड़क का निर्माण नहीं हुआ और राशि का भुगतान कर दिया गया है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उठ रहे अहम सवाल
वर्ष 2018 में स्वीकृत लगभग 20 लाख रुपये की सीसी सड़क का निर्माण आखिर कहां हुआ?
यदि सड़क बनी थी तो उसी स्थान पर दोबारा सड़क की आवश्यकता क्यों पड़ी?
पहली योजना की राशि किन कार्यों में खर्च दिखाई गई?
नई सड़क की स्वीकृति देते समय पुराने कार्य का सत्यापन किया गया था या नहीं?
क्या पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी में लापरवाही बरती गई?
इनका कहना है ,,,,वंदना मार्को सीडीओ जनपद समनापुर
इसकी जानकारी मुझे नहीं है में इंजीनियर से जानकारी लेकर बताऊंगी










