
महर्षि विद्या मंदिर मैहर में हर्षोल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव,,,,,,
नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ से गूंजा विद्यालय प्रांगण, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जीवंत कीं श्रीकृष्ण की लीलाएं
विशेष संवाददाता श्री निवास मिश्रा
मैहर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महर्षि विद्या मंदिर, मैहर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान पूरा वातावरण भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए श्रीकृष्ण की लीलाओं को गीत, अभिनय एवं सामूहिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया। यह आयोजन ‘महर्षि आध्यात्मिक जन जागरण अभियान’, जो महर्षि विश्व शांति ट्रस्ट की एक इकाई है, के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को जनमानस तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में शांति, सद्भाव, सकारात्मकता और नैतिक चेतना को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रांगण में सामूहिक रूप से भावातीत ध्यान से किया गया। इसके पश्चात भगवान शिव की स्तुति का सामूहिक पाठ हुआ। ध्यान एवं स्तुति के पश्चात जन्माष्टमी के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
गीत और अभिनय से साकार हुईं श्रीकृष्ण की लीलाएं
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हाउसवार विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। सामूहिक गीत, अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनकी विभिन्न लीलाओं को प्रस्तुत किया गया। जैसे ही ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के स्वर विद्यालय परिसर में गूंजे, वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया।शिक्षकों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, उनकी लीलाओं तथा उनके जीवन से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भक्ति, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा का विशेष वातावरण दिखाई दिया।
श्रीकृष्ण के अवतार का उद्देश्य समझाया
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य मनोज सिंह परिहार ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार एवं उनके जीवन-दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को धर्म, कर्म, सत्य, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन एवं उपदेशों के माध्यम से मानव को विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलते रहने का संदेश दिया। प्राचार्य ने महर्षि आध्यात्मिक जन जागरण अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य जनमानस में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना तथा समाज में सद्भाव, शांति, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को जागृत करना है। आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से व्यक्ति के जीवन में संतुलन और सकारात्मकता आती है, जिसका व्यापक प्रभाव परिवार एवं समाज पर पड़ता है।
विश्व शांति और सामाजिक समरसता की प्रार्थना
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ सदस्यों ने समाज में प्रेम, सद्भाव, समरसता एवं सकारात्मकता बनाए रखने तथा संपूर्ण विश्व में शांति स्थापित होने की सामूहिक प्रार्थना की। महर्षि विद्या मंदिर मैहर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव ने जहां विद्यालय परिवार को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ा, वहीं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन संदेशों को आत्मसात करने का अवसर भी प्रदान किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।











