ख़बर का असर — दो महीने से गायब चल रहे सचिव पर गिरी गाज, जिला पंचायत ने किया निलंबित

ख़बर का असर — दो महीने से गायब चल रहे सचिव पर गिरी गाज, जिला पंचायत ने किया निलंबित

डिण्डौरी। सच का सामना में प्रकाशित लगातार समाचारों और ग्रामीणों की बढ़ती शिकायतों का बड़ा असर प्रशासन पर साफ दिखाई दिया है। ग्राम पंचायत सुनपुरी के सचिव गजरूप सिंह धुर्वे के अनाधिकृत अनुपस्थित रहने, कार्यों में लापरवाही और योजनाओं को ठप कर देने जैसे गंभीर आरोपों के बाद जिला पंचायत डिण्डौरी ने तुरंत प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया है। जिला पंचायत द्वारा जारी दिनांक 18 नवंबर 2025 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि सचिव धुर्वे लगातार दो माह से बिना पूर्व सूचना कार्यालय से अनुपस्थित थे। उनकी अनुपस्थिति के कारण ग्राम पंचायत में चल रही योजनाएं ठप पड़ गईं, मजदूरी भुगतान रुक गया, निर्माण कार्य अधर में लटक गए और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाया।

कई बार दिए नोटिस, जवाब नहीं मिला

जनपद पंचायत बजाग के सीईओ द्वारा 30 जुलाई, 13 अगस्त और 26 सितंबर 2025 को कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन सचिव ने मात्र एक नोटिस का औपचारिक जवाब दिया, जो असंतोषजनक पाया गया। इतना ही नहीं, समग्र ए-केवाईसी की प्रगति शून्य पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बजाग ने 29 जुलाई 2025 को चेतावनी पत्र भेजा था, जिसका जवाब आज तक प्राप्त नहीं हुआ। यह स्थिति भी सचिव की अनुशासनहीनता को दर्शाती है।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतें भी नहीं की नहीं की गई निराकरण

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज ग्रामीणों की शिकायतें समयसीमा में निराकरण नहीं गईं। इसके लिए 26 सितंबर को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया, परंतु सचिव धुर्वे ने उसका भी कोई जवाब नहीं दिया। ग्राम पंचायत सुनपुरी में 02 अक्टूबर 2025 को आयोजित आदि कर्मयोगी अभियान की ग्राम सभा में भी वे बिना सूचना अनुपस्थित रहे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा 11 नवंबर 2025 को अंतिम कारण बताओ नोटिस दिया गया, लेकिन सचिव ने यह नोटिस भी अनसुना कर दिया।

प्रशासन ने माना—लगातार लापरवाही की पराकाष्ठा

जिला पंचायत ने आदेश में उल्लेख किया है कि सचिव की यह कार्यप्रणाली पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता को प्रमाणित करती है। म.प्र. पंचायत सेवा नियम 2011, नियम 7 (अनुशासन एवं नियंत्रण) के तहत सचिव धुर्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता

निलंबन अवधि में सचिव को शासन के नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बजाग निर्धारित किया गया है।

ग्रामीणों ने कहा—अब रुके काम होंगे शुरू

ग्राम पंचायत सुनपुरी के ग्रामीणों का कहना है कि महीनों से कामकाज ठप था और मजदूरों का भुगतान भी नहीं हो पा रहा था। निलंबन के बाद लोगों को उम्मीद है कि अब प्रशासन नए प्रभारी नियुक्त कर रुके हुए कार्यों को तेजी से शुरू कराएगा। खबर का असर दिखा और जवाबदेही तय हुई — यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता और ग्रामीणों की आवाज के प्रति संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।

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