
पुलिया निर्माण में अनियमितता और लापरवाही, उपयंत्री, सहायक यंत्री और सचिव को नोटिस,,,,,,
13.59 लाख रुपये की लागत से बनी पुलिया क्षतिग्रस्त होकर हुई अनुपयोगी, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
डिंडौरी। जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत रोनगूढ़ा के ग्राम सरेहा में शिवनार नाले पर निर्मित पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के मामले में प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। शिकायत के बाद की गई जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता, निर्धारित मापदंडों की अनदेखी और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर उपयंत्री सहित तीन जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। संबंधितों से तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मौके पर पहुंचकर किया गया निरीक्षण
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत करंजिया द्वारा 27 अगस्त 2026 को ग्राम सरेहा पहुंचकर शिवनार नाले पर निर्मित पुलिया का मौके पर निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान निर्माण कार्य से संबंधित अभिलेखों एवं मौके की स्थिति का परीक्षण किया गया। जांच प्रतिवेदन में पुलिया निर्माण की प्रक्रिया और गुणवत्ता को लेकर कई गंभीर बिंदु सामने आए हैं।
13.59 लाख रुपये की थी प्रशासकीय स्वीकृति
जांच के अनुसार शिवनार नाले पर पुलिया निर्माण के लिए कुल 13.59 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसमें 1.91 लाख रुपये मजदूरी मद तथा 11.68 लाख रुपये सामग्री मद के लिए स्वीकृत किए गए थे। जांच के दौरान मजदूरी मद में करीब 1.86 लाख रुपये का व्यय होना पाया गया। प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि निर्माण कार्य के लिए स्थल का चयन और उसकी स्वीकृति निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं की गई थी। इसके अलावा पुलिया का निर्माण भी निर्धारित तकनीकी मानकों एवं मापदंडों के अनुसार नहीं कराया गया।
निर्माण के बाद क्षतिग्रस्त हुई पुलिया
जांच प्रतिवेदन में उल्लेखित स्थिति के अनुसार निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं होने के कारण पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई और वर्तमान में आवागमन के लिए अनुपयोगी हो गई है। इससे निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
9.39 लाख के देयकों का सत्यापन
जांच में सामग्री मद से संबंधित 9.39 लाख रुपये के देयकों का भी उल्लेख किया गया है। इन देयकों का सरपंच, सचिव एवं उपयंत्री द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद भुगतान के लिए मनरेगा सॉफ्टवेयर में एमआईएस किया गया था। प्रथम दृष्टया जांच में संबंधित उपयंत्री द्वारा मनरेगा प्रावधानों के विपरीत कार्य का मूल्यांकन एवं सत्यापन किया जाना प्रतीत हुआ है।
उपयंत्री, सहायक यंत्री और सचिव को नोटिस
मामले में पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता पाए जाने पर उपयंत्री भुवन प्रसाद भैना, सहायक यंत्री कशिश नायक एवं ग्राम पंचायत सचिव शंकर मार्को को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के संबंध में तीन दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में समाधानकारक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रशासन का जोर
जिला पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय निर्माण कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता, तकनीकी मापदंडों और नियमों का पालन अनिवार्य है। निर्माण कार्य में लापरवाही, अनियमितता अथवा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के इस मामले में जारी कारण बताओ नोटिस को प्रशासन की जवाबदेही तय करने की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। अब संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।











