
भाजपा नेता पर लाइनमैन से मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप,,,,,,शासकीय कार्य में बाधा डालने का भी आरोप
शिकायत के बावजूद एफआईआर नहीं होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
डिंडौरी।विद्युत विभाग में बाह्य स्रोत कर्मी के रूप में लाइनमैन (कुशल श्रमिक) के पद पर कार्यरत शिव कुमार धार्ये ने भाजपा नेता पर ड्यूटी के दौरान गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी दिए जाने का गंभीर आरोप लगाये हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रविवार को विद्युत लाइन में सुधार कार्य के दौरान सिविल लाइन निवासी राजेन्द्रपाल कुशराम एवं उसके दो अन्य साथियों ने उसके साथ विवाद करते हुए मारपीट की तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई।पुलिस पर आरोप है कि वारदात के दो दिन बीत जाने के बाबजूद राजनैतिक दबाब में कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।
फ्यूज ऑफ कॉल की शिकायत अटेंड करने पहुंचे थे कर्मचारी
शिकायत में शिव कुमार धार्ये ने बताया कि वह विद्युत विभाग डिंडौरी में बाह्य स्रोत कर्मी के रूप में लाइनमैन के पद पर कार्यरत है।रविवार 9 अगस्त 2026 को वह फ्यूज ऑफ कॉल की ड्यूटी में शिकायत अटेंड करने के लिए लाइन परिचालक गोपाल तेकाम के साथ एफओसी वाहन से विधायक डिंडौरी ओम कार सिंह मरकाम के निवास के पास पहुंचा था। यहां लगे विद्युत खंभे में करंट की चपेट में आने से एक मवेशी की मौत की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से उसने खंभे पर चढ़कर आवश्यक सुधार कार्य किया और इसके बाद नीचे उतर आया।इसके बाद उसने लाइन परिचालक गोपाल तेकाम को यातायात थाना के सामने सेक्शन जोड़कर विद्युत लाइन चालू करने के लिए भेजा, जबकि वह स्वयं संबंधित खंभे के पास ही रुक गया, ताकि लाइन चालू होने के बाद खंभे में दोबारा करंट प्रवाहित होने की स्थिति में किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
गाली-गलौज के बाद विवाद और मारपीट का आरोप
शिव कुमार का आरोप है कि इसी दौरान सिविल लाइन निवासी राजेन्द्रपाल कुशराम अपने दो अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने उसे देखकर विद्युत विभाग और लाइनमैन के संबंध में कथित रूप से अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने विवाद से बचने के लिए संबंधित व्यक्ति से कथित तौर पर पूछा कि गाली-गलौज क्यों की जा रही है। इसी बात पर आरोपी भड़क गए और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायत के अनुसार, उस समय वह मौके पर अकेला था। मारपीट की आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर निकले और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
पुलिस के साथ दोबारा मौके पर पहुंचने पर भी मारपीट का आरोप
घटना के बाद शिव कुमार द्वारा कोतवाली थाना डिंडौरी पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस का एक कर्मचारी उसे लेकर दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा। शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में भी राजेन्द्रपाल कुशराम एवं उसके साथी कथित रूप से नशे की हालत में थे और उन्होंने दोबारा उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान शिकायतकर्ता के बाएं आंख, मुंह और छाती में चोट लगने की बात आवेदन में कही गई है। इसके बाद जिला चिकित्सालय डिंडौरी में पुलिस की मौजूदगी में उसका ईएमएलसी परीक्षण कराए जाने का उल्लेख भी शिकायत में किया गया है।
शिकायत के बाद भी एफआईआर नहीं होने का आरोप
शिव कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसने 9 अगस्त को ही कोतवाली थाना डिंडौरी में घटना की शिकायत प्रस्तुत की थी, लेकिन 11 अगस्त तक संबंधित आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों की ओर से कथित तौर पर उसे यह कहा जा रहा है कि वह जहां शिकायत करना चाहे कर सकता है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना में शामिल तीनों व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से उसे भय बना हुआ है। उसने आरोप लगाया कि मारपीट एवं धमकी के साथ-साथ ड्यूटी के दौरान शासकीय कार्य में भी बाधा पहुंचाई गई।










