
स्वच्छ भारत मिशन में लापरवाही पर कार्रवाई, संविदा ब्लॉक समन्वयक की सेवा समाप्त,,,,,,
जांच में अधूरा मिला शौचालय, साझा की गई थी बनावटी तस्वीर; कारण बताओ नोटिस का जवाब भी नहीं माना संतोषजनक
डिंडौरी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा नहीं करने और लगातार निर्देशों के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर जिला पंचायत ने बड़ी कार्रवाई की है। विकासखंड डिंडौरी में संविदा आधार पर पदस्थ ब्लॉक समन्वयक उर्मिला तेकाम की संविदा सेवा समाप्त कर उन्हें पद से पृथक कर दिया गया है। जिला पंचायत के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में शौचालय विहीन परिवारों के चिन्हांकन की प्रगति 79.7 प्रतिशत और व्यक्तिगत घरेलू शौचालय निर्माण की प्रगति मात्र 59 प्रतिशत रही। विकासखंड में निर्मित अधिकांश सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के अनुपयोगी एवं अक्रियाशील होने के बावजूद उन्हें उपयोगी बनाने के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए। घनी आबादी, धार्मिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में बड़े सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण के लिए स्थल चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय तक कोई प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया गया। ग्राम हिनोता में गोबरधन योजना के तहत निर्मित चार बायोगैस संयंत्र भुगतान के बाद भी अक्रियाशील पाए गए। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, नालियों के गंदे पानी के उचित निपटान, शौचालयों की सफाई व्यवस्था तथा घर-घर कचरा संग्रहण जैसे कार्यों में भी लापरवाही का आरोप लगाया गया है। विकासखंड के गांवों को आदर्श खुले में शौचमुक्त घोषित किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कचरा संग्रहण और पृथक्करण नहीं होने की बात सामने आई। ग्राम पंचायत कनईसांगवा में निर्मित शौचालय की बनावटी रूप से तैयार तस्वीर बिना सत्यापन के साझा करने का मामला भी सामने आया। मौके पर जांच में शौचालय पूर्ण निर्मित नहीं पाया गया। इस मामले में 30 जुलाई को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। चार अगस्त को प्राप्त जवाब को असंतोषजनक मानते हुए शासन के संविदा सेवा संबंधी प्रावधानों के तहत उर्मिला तेकाम की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई।










