
खेत में बना दी पुलिया! ग्रामीणों ने लगाया फर्जीवाड़े और अनमितायें का आरोप, ,,,कलेक्टर से की शिकायत
ग्राम पंचायत कुकर्रामठ का मामला
डिंडौरी। जिले की ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में पुरनिया तालाब के पास कराए जा रहे पुलिया निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता, फर्जीवाड़ा और शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निर्माण कार्य निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में वर्क आईडी 1745005030/RC/22012034676 के तहत लगभग 6 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिस स्थान पर पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है, वहां किसी प्रकार का नाला नहीं है, बल्कि वह समतल कृषि भूमि है, जहां किसान खेती करते हैं। ऐसे में पुलिया निर्माण की आवश्यकता ही नहीं है और शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच एवं उपसरपंच द्वारा अधिकारियों से कथित सांठगांठ कर फर्जी प्रस्ताव और रिकॉर्ड तैयार कर अपने निजी हितों के लिए पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत कराया गया है।

शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि निर्माण स्थल के चयन के लिए न तो किसी तकनीकी अधिकारी की अनुमति ली गई और न ही स्थल का विधिवत सत्यापन कराया गया। इसके अलावा ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। उनका कहना है कि पुलिया निर्माण में नए बेस (नींव) का उचित कार्य नहीं किया गया है और टूटे-फूटे पुल के हिस्सों का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि इन खामियों को छिपाने के लिए निर्माण सामग्री का ढेर लगा दिया गया है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने न आ सके।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में फर्जी मजदूरों की हाजिरी भरकर शासकीय राशि का बंदरबांट करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो पुलिया निर्माण कार्य को तत्काल निरस्त कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की राशि का उपयोग जनहित के कार्यों में होना चाहिए, न कि अनावश्यक और विवादित निर्माण कार्यों में। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।
यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और कलेक्टर को दी गई शिकायत के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
इनका कहना है, वंदना मार्को सीडीओ जनपद समनापुर
में विजिट कर के ही कुछ बता पाऊंगी
इनका कहना है उपयंत्री अमित गांगुली
में जा कर देख लूं इसके बाद ही कुछ बताऊंगा










