स्टेशनरी का विवरण गायब, भुगतान पूरा! लालपुर पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

डिंडोरी,,बजाग विकासखंड की ग्राम पंचायत लालपुर में पंचायती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचायत में उपलब्ध प्रिंटर होने के बावजूद बाहरी ऑनलाइन दुकानों में शासकीय दर से अधिक राशि पर फोटो कॉपी कराकर भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि जिन बिलों का भुगतान किया गया है, उनमें स्टेशनरी सामग्री का कोई स्पष्ट विवरण तक दर्ज नहीं है। इससे पूरे प्रकरण पर संदेह और गहरा गया है। सूत्रों के अनुसार पंचायत में प्रिंटर और जरूरी उपकरण पहले से मौजूद हैं, जिनसे सामान्य दस्तावेजों की प्रतिलिपि आसानी से तैयार की जा सकती थीं। इसके बावजूद फोटो कॉपी के नाम पर ऊंचे दामों में भुगतान करना यह दर्शाता है कि खर्च जानबूझकर बढ़ाया गया। इससे भ्रष्टाचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आरोप यह भी है कि 5वीं और 15वीं वित्त आयोग की राशि को मनमाने ढंग से खर्च करने का जरिया बनाया गया। नियमानुसार इन मदों की राशि गांव के विकास कार्यों में पारदर्शिता के साथ खर्च होनी चाहिए, लेकिन यहां बिना स्टेशनरी विवरण, बिना रेट सूची और बिना वास्तविक आवश्यकता के बिल पास कर भुगतान किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्पष्ट मामला वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग का है। यदि पंचायत में सुविधा उपलब्ध थी तो बाहरी दुकान से महंगे दामों पर फोटो कॉपी कराने की क्या मजबूरी थी? वहीं जांच टीम का भी कहना है कि पंचायत से दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे, जिससे संदेह और गहरा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे भुगतान की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लग सके।











